The Press of Asia Desk | 24 June 2026 | Lucknow, Uttar Pradesh
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में 22 जून 2026 को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगी, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में अधिकांश छात्र थे जिनकी उम्र 16 से 25 साल के बीच थी।
यह इमारत उषा मेहता मार्ग पर स्थित थी। इसमें एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर, एक पालतू जानवरों की दुकान और अन्य दुकानें थीं। जब आग लगी तो लगभग 21 छात्र इमारत के अंदर थे। घुटन और धुएं से ज्यादातर मौतें हुईं।
क्या हुआ उस दोपहर?
रॉयटर्स और NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, आग दोपहर में इमारत की दूसरी मंजिल से शुरू हुई और तेजी से फैल गई। छात्रों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाने की कोशिश की। कुछ छात्र बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरे। दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का काम चला।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया और PM राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की।
इमारत थी अवैध — 2016 में ही जारी हो चुका था ध्वंस नोटिस
जांच में सामने आया कि जिस इमारत में आग लगी, वह अवैध थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 2016 में ही उसे तोड़ने का नोटिस दिया था, लेकिन बाद में वह आदेश रद्द कर दिया गया। LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि इमारत मालिक विरेंद्र शुक्ला को नया नोटिस दिया गया है और इमारत को जल्द ध्वस्त किया जाएगा।
पुलिस ने इमारत मालिक विरेंद्र शुक्ला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। छह LDA अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 14 अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।
UP में 48 कोचिंग सेंटर सील
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी। कानपुर में 30, नोएडा में 2, वाराणसी में 2, मथुरा में 1 और हापुड़ में 5 सहित अब तक 48 से अधिक कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर सील किए जा चुके हैं।
वाराणसी में आनन-फानन में एलन कोचिंग सेंटर को भी सील कर दिया गया, क्योंकि वह इमारत बिना अनुमति के बनी थी और उसके पास फायर NOC नहीं था।
मुख्य तथ्य (Key Highlights)
- 22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग
- 15 लोगों की मौत, अधिकांश युवा छात्र
- 4 आरोपी गिरफ्तार, 6 LDA अधिकारी निलंबित
- UP में 48 से अधिक कोचिंग सेंटर सील
- PM मोदी ने 2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की
- मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में कोचिंग संस्थानों की संख्या लाखों में है, लेकिन उनमें से कई बिना फायर सेफ्टी NOC के, अवैध इमारतों में, और बिना आपातकालीन निकास के चल रहे हैं। यह दुखद घटना उस व्यापक लापरवाही की ओर ध्यान दिलाती है जो हर साल ऐसे हादसों का कारण बनती है।
आगे क्या होगा?
SIT जांच जारी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है। पीड़ित परिवारों ने 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले पर नजर रख रही है।
स्रोत संदर्भ: Reuters (June 22, 2026) | NDTV (June 23, 2026) | New Indian Express (June 23, 2026) | News On AIR (June 22, 2026) | Al Jazeera (June 22, 2026)
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