मानसून का कहर जारी — उत्तराखंड, हिमाचल और महाराष्ट्र में बाढ़-भूस्खलन से 10 से ज्यादा लोगों की मौत, कई लापता
देश भर में मानसून सक्रिय हो चुका है, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं
The Press of Asia Desk | नई दिल्ली, 12 जुलाई 2026
भारत में इस साल मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। India Today की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन दिनों में मानसून की बारिश ने कई जगह तबाही मचाई है।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे और भी भारी बारिश की संभावना है।
मुख्य बातें
- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में 10 से अधिक मौतें, कई लापता
- IMD ने उत्तराखंड, हिमाचल और UP में रेड अलर्ट जारी किया
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन से यातायात बाधित, कई गांव कटे
- NDRF की टीमें बचाव और राहत कार्य में लगी हैं
- मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है — इस साल समय से पहले आया
- पुणे के मोशी में इमारत गिरने से भी कई लोगों की मौत की खबर
क्या हुआ?
उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। कई गांव मलबे में दब गए और रास्ते बंद हो गए। NDRF की टीमें वहां पहुंच कर बचाव कार्य कर रही हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं। कई राज्य राजमार्ग भूस्खलन की वजह से बंद हैं। शिमला और कुल्लू जिलों में भारी नुकसान हुआ है।
महाराष्ट्र में पुणे जिले के मोशी इलाके में एक इमारत ढहने की खबर है जिसमें कई लोगों की मौत हुई और बचाव अभियान चल रहा है। पश्चिम महाराष्ट्र के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
क्यों है यह जरूरी?
मानसून भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लेकिन हर साल अत्यधिक बारिश और बाढ़ की वजह से सैकड़ों लोगों की जान जाती है और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान होता है। जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसी आपदाओं की तीव्रता बढ़ती जा रही है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ती निर्माण गतिविधियों और जंगलों की कटाई को भी भूस्खलन की बड़ी वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर फिर से सोचने की जरूरत है।
आगे क्या होगा?
IMD के अनुसार अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। NDRF और SDRF की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राहत शिविर लगाए जा रहे हैं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
स्रोत: India Today (10 जुलाई 2026) | भारत मौसम विभाग (IMD) | NDRF आधिकारिक बयान | ABP Majha (12 जुलाई 2026)
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