भारत की पैरा-एथलीट शर्मिला धांखड़ ने 28 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेल्स 2026 में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में सोना पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 9.81 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेल्स के इतिहास में पैरा-एथलेटिक्स में सोना पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
शर्मिला धांखड़ की यह कहानी संघर्षों से भरी रही है। 40 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने जीवन में कई बाधाओं का सामना किया है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी इस जीत को संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी माना जा रहा है। इसी कॉमनवेल्थ गेल्स 2026 में नाशिक के प्याज किसान के बेटे सर्वेश कुशारे ने भी उच्च कूद में रजत पदक जीता, जबकि अजय बाबू ने पिता के कांस्य पदक के 16 साल बाद वेतमंपालन में रजत पदक जीता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत खेल मंत्रालय ने शर्मिला धांखड़ की इस एतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है और इसे देश के लिए गौरव का पल बताया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेल्स 2026 में भारत की पदक तालिका लगातार मजबूत होती जा रही है, और शर्मिला की यह जीत पैरा-एथलीट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होती है।
