29 सितंबर: अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया। इस हमले में 42 वर्षीय हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद हो गए और चार अन्य जवान घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया है। उनकी हालत के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
मुख्य बातें
- कहां: चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास, भारत-म्यांमार सीमा के पिलर नंबर 172 के नजदीक।
- कब: मंगलवार, 29 सितंबर को सुबह करीब 6:30 बजे।
- कौन: 21 असम राइफल्स के जवान, जो उस इलाके में गश्त कर रहे थे जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है।
- नुकसान: हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद हुए और चार जवान घायल हैं।
- शक किस पर: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में उग्रवादी संगठन NSCN (K-YA) का हाथ होने के संकेत हैं। हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या हुआ
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट (ThePrint पर प्रकाशित) के अनुसार, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में सुरक्षा गश्त कर रहे थे जहां सीमा के पिलर नंबर 172 के पास बाड़ लगाने का काम चल रहा है। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी की। चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किरली पाडू ने कहा कि पुलिस को भारत-म्यांमार सीमा पर हुई इस घटना की जानकारी मिली है, और उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी को पूरा ब्योरा जुटाने का निर्देश दिया है।
द फेडरल की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद सुरक्षा बलों ने हमलावरों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
असम राइफल्स ने दी श्रद्धांजलि
असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी रैंकों ने हवलदार जांगखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि दी। बल ने कहा कि हवलदार कुकी ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है और असम राइफल्स शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
NSCN (K-YA) क्या है
NSCN (K-YA) नगा उग्रवादी संगठन NSCN (खापलांग) का युंग आंग के नेतृत्व वाला गुट है। इंडिया टुडे एनई के अनुसार शुरुआती जानकारी इसी गुट की ओर इशारा करती है। यह संगठन भारत-म्यांमार सीमा के दोनों ओर सक्रिय रहा है, और भारत सरकार ने NSCN (K) को 2015 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत प्रतिबंधित किया था।
क्यों संवेदनशील है यह इलाका
चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार से लगती है। पीटीआई के मुताबिक यह इलाका सीमा के दोनों ओर सक्रिय उग्रवादी गुटों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बना हुआ है। केंद्र सरकार ने 2024 में 1,643 किलोमीटर लंबी पूरी भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का फैसला किया था, और जिस जगह हमला हुआ वहां यही काम चल रहा है। पीटीआई ने यह भी बताया कि इसी साल जुलाई में पड़ोसी राज्य नगालैंड में इसी तरह की एक घटना में असम राइफल्स के एक जवान की जान गई थी।
सीमा के उस पार म्यांमार 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से गृहयुद्ध में घिरा है। सोमवार को ही म्यांमार के रखाइन प्रांत के क्याउकताव कस्बे में एक बाजार पर सेना के हवाई हमले में 50 लोगों की मौत हुई (पूरी खबर अंग्रेज़ी में पढ़ें)।
आगे क्या
अब सबकी नज़र इस पर है कि जांच में हमलावर गुट की आधिकारिक पुष्टि होती है या नहीं और घायल जवानों की हालत कैसी है। यह भी देखना होगा कि इस हमले के बाद सीमा पर बाड़ लगाने के काम की सुरक्षा कैसे बढ़ाई जाती है। घायलों की हालत या जांच से जुड़ी नई जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
स्रोत / संदर्भ
- ThePrint (PTI): Assam Rifles jawan killed, 4 injured in suspected militant attack along Arunachal Pradesh’s Myanmar border
- The Week: Assam Rifles jawan killed, four others injured in militant attack near Myanmar border in Arunachal
- The Federal: Assam Rifles soldier killed, 4 injured in suspected insurgent attack in Arunachal Pradesh
- India Today NE: Assam Rifles patrol team attacked along Indo-Myanmar border, one jawan martyred
- Deccan Herald: Militants ambush Assam Rifles team in Arunachal’s Changlang district




