नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026: भारत और न्यूज़ीलैंड का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होगा। दोनों देशों ने घरेलू अनुमोदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को तारीख घोषित की। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, लागू होने के पहले दिन से न्यूज़ीलैंड में भारतीय निर्यात की सभी टैरिफ लाइनों पर सीमा शुल्क शून्य होगा। न्यूज़ीलैंड सरकार ने भी लागू होने की तारीख की पुष्टि की है।
यह समझौता अप्रैल में हस्ताक्षरित हुआ था, लेकिन व्यवसायों के लिए वास्तविक बदलाव अब लागू होने की तारीख तय होने से स्पष्ट हुआ है। इस खबर का मतलब यह नहीं कि सभी वस्तुएँ हर प्रक्रिया के बिना तुरंत पहुँच जाएँगी; निर्यातकों को मूल-स्थान और अन्य लागू नियमों का पालन करना होगा।
भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा?
भारत सरकार के अनुसार कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद उन क्षेत्रों में हैं जिन्हें शुल्क हटने से तत्काल लाभ मिल सकता है। न्यूज़ीलैंड के अधिकतम 10 प्रतिशत तक के शुल्क हटने की बात मंत्रालय ने कही है। प्रतिस्पर्धा में इससे मदद मिल सकती है, लेकिन बिक्री अपने आप नहीं बढ़ेगी; गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और खरीदारों तक पहुँच भी जरूरी हैं।
अगस्त में भारतीय टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि पर हमारी पिछली रिपोर्ट इस क्षेत्र की व्यापक स्थिति बताती है। नया FTA उस क्षेत्र के लिए एक और बाज़ार खोल सकता है, हालांकि वास्तविक असर के लिए बाद के व्यापार आँकड़े देखने होंगे।
किसानों और आयात पर क्या शर्तें हैं?
समझौता एकतरफा शुल्क कटौती नहीं है। न्यूज़ीलैंड सरकार कहती है कि भारत को उसके 57 प्रतिशत निर्यात पहले दिन शुल्क-मुक्त होंगे। इनमें भेड़ का मांस, ऊन और कोयला शामिल हैं; लकड़ी और वानिकी उत्पादों को भी व्यापक रियायत मिलेगी। सेब, कीवी फल और मनुका शहद जैसे उत्पादों के लिए सीमित कोटा और मूल्य संबंधी सुरक्षा उपाय रखे गए हैं।
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि डेयरी, कुछ प्रकार के मांस, प्रमुख कृषि वस्तुओं, चीनी और खाद्य तेलों जैसी संवेदनशील श्रेणियाँ शुल्क रियायतों से बाहर रखी गई हैं। इसलिए ‘सभी न्यूज़ीलैंड उत्पाद अब शुल्क-मुक्त’ कहना गलत होगा। दोनों पक्षों को मिलने वाली रियायतों का दायरा अलग है।
सेवाओं, रोजगार और छात्रों के लिए क्या प्रावधान हैं?
भारत सरकार के अनुसार समझौते में भारतीय सेवा प्रदाताओं के लिए लगभग 118 क्षेत्रों में अवसर, कुशल भारतीयों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार प्रवेश का विशेष कोटा और युवाओं के लिए सालाना 1,000 कार्य-अवकाश वीज़ा का प्रावधान है। छात्र गतिशीलता और पढ़ाई के बाद काम करने के अधिकार का भी उल्लेख है। ये प्रावधान पात्रता और प्रशासनिक नियमों के अधीन होंगे; इन्हें स्वतः वीज़ा मिलने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
न्यूज़ीलैंड ने कहा कि उसके संसदीय और अन्य घरेलू कदम पूरे हो चुके हैं। वाणिज्य मंत्रियों पीयूष गोयल और टॉड मैक्ले ने 21 सितंबर को वर्चुअल बातचीत में लागू होने की तारीख घोषित की। न्यूज़ीलैंड के विदेश एवं व्यापार मंत्रालय ने भी 20 अक्टूबर को प्रभावी तारीख के रूप में सूचीबद्ध किया है।
अगला सवाल: ज़मीनी असर कब दिखेगा?
व्यवसायों को अब उत्पाद-वार नियम, मूल-स्थान प्रमाणन, आयात मानक और नए अनुबंधों की तैयारी करनी होगी। शुरुआत के महीनों में निर्यात या निवेश कितना बढ़ता है, इसका आकलन वास्तविक व्यापार डेटा से ही किया जा सकेगा। सरकारों की घोषित निवेश और व्यापार आकांक्षाएँ लक्ष्य हैं, हासिल परिणाम नहीं।
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