30 सितंबर: 1 अक्टूबर से कई ऐसे नियम बदल रहे हैं जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन जरूरी हो रहा है। बैंकों में बड़ी रकम की FD यानी बल्क डिपॉजिट की सीमा बदल रही है, और जन्म-मृत्यु के देर से पंजीकरण के नियम सख्त हो रहे हैं। नीचे जानिए कौन सा नियम क्या है और आपको क्या करना चाहिए।
मुख्य बातें
- LPG सब्सिडी: सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन (ई-केवाईसी) जरूरी होगा। सत्यापन न होने पर सिलेंडर बाजार भाव पर मिलेगा।
- बल्क FD: बैंकों में 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जमा को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी।
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण: दो साल से ज्यादा देर से पंजीकरण कराने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा।
- NRI से प्रॉपर्टी खरीद: TDS काटने के लिए खरीदार को अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं रहेगी। यह काम PAN से हो जाएगा।
- 80 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनभोगी: ये 1 अक्टूबर से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
1. LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार जरूरी
अपस्टॉक्स, ईटीवी भारत और टाइम्स नाउ हिंदी की रिपोर्टों के अनुसार, 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर का फायदा उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिनका बायोमेट्रिक आधार सत्यापन (ई-केवाईसी) पूरा है। जिनका सत्यापन नहीं होगा, उन्हें सिलेंडर बाजार भाव पर खरीदना पड़ सकता है। ईटीवी भारत के अनुसार करीब 27.43 करोड़ ग्राहक, यानी लगभग 90 प्रतिशत, यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
आपको क्या करना है: ईटीवी भारत के मुताबिक Indian Oil ONE, Hello BPCL या HP PAY ऐप पर चेहरे या फिंगरप्रिंट से सत्यापन किया जा सकता है। टाइम्स नाउ हिंदी के अनुसार गैस एजेंसी पर या सिलेंडर की डिलीवरी के समय भी सत्यापन कराया जा सकता है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसलिए 1 अक्टूबर को सिलेंडर के नए दाम भी आ सकते हैं।
2. बड़ी FD यानी बल्क डिपॉजिट के नए नियम
अपस्टॉक्स और टाइम्स नाउ हिंदी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों के तहत अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जमा को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बैंकों को हर कामकाजी दिन सुबह 10 बजे तक बल्क FD की ब्याज दरें अपनी वेबसाइट पर डालनी होंगी, और इसके लिए 10:10 बजे तक की छूट दी गई है।
आप पर असर: यह बदलाव सिर्फ बड़ी रकम जमा करने वालों पर लागू होता है। आम ग्राहकों की सामान्य FD पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
3. जन्म और मृत्यु के देर से पंजीकरण में सख्ती
अपस्टॉक्स और ईटीवी भारत के अनुसार, 1 अक्टूबर से देशभर में जन्म और मृत्यु के देर से पंजीकरण की प्रक्रिया सख्त हो रही है। एक से दो साल की देरी पर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति और जांच जरूरी होगी। दो साल से ज्यादा की देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश अनिवार्य होगा।
आपको क्या करना है: जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर पंजीकरण करा लेना सबसे आसान रहता है। अगर परिवार में किसी का पंजीकरण बाकी है, तो उसे जल्द पूरा करा लें।
4. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए राहत
अब तक किसी अनिवासी भारतीय (NRI) से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS काटने के लिए खरीदार को TAN (टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर) लेना पड़ता था। अपस्टॉक्स और ईटीवी भारत के अनुसार, 1 अक्टूबर से व्यक्तिगत खरीदार और HUF अपने PAN के आधार पर “चालान-सह-विवरण” के जरिए TDS जमा कर सकेंगे। TDS काटने की जिम्मेदारी पहले की तरह बनी रहेगी, सिर्फ TAN लेने की जरूरत खत्म हो रही है।
5. 80 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र
ईटीवी भारत के अनुसार, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगी 1 अक्टूबर से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। बाकी पेंशनभोगियों के लिए यह सुविधा नवंबर से शुरू होगी। प्रमाण पत्र फेस आरडी ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर या बैंक के जरिए जमा किया जा सकता है।
आगे: 15 अक्टूबर से UPI पर MDR
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ व्यापारिक UPI भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के व्यापारिक भुगतान इसके दायरे से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार किया है और केंद्र, RBI तथा NPCI से जवाब मांगा है (पूरी खबर अंग्रेज़ी में)।
ध्यान दें: कुछ रिपोर्टों में बैंक ATM शुल्क और NPS खाते की फीस जैसे दूसरे बदलावों का भी जिक्र है। हमें इनकी पुष्टि एक से ज्यादा स्रोतों से नहीं मिली, इसलिए इन्हें यहां शामिल नहीं किया गया है। ऐसे बदलावों के लिए अपने बैंक या संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट देखें।





