मुंबई, 28 सितंबर: हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली हुई। बीएसई सेंसेक्स 1,124.02 अंक (1.52%) टूटकर 72,771.72 पर और एनएसई निफ्टी 360.25 अंक (1.56%) गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। HDFC Sky की क्लोजिंग रिपोर्ट के मुताबिक दोनों प्रमुख सूचकांक छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
मुख्य बातें
- सेंसेक्स: 1,124.02 अंक की गिरावट के साथ 72,771.72 पर बंद।
- निफ्टी: 360.25 अंक टूटकर 22,780.25 पर; छह महीने का निचला स्तर।
- सभी सेक्टर लाल: 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स गिरे, निफ्टी PSU बैंक करीब 3% टूटा।
- कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड 107 से 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा।
- विदेशी बिकवाली: विदेशी निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को ₹3,694 करोड़ के शेयर बेचे।
बाजार क्यों गिरा
गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल रहा। द नेशनल की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह (UAE समय 8:06 बजे) ब्रेंट क्रूड 2.61% चढ़कर 107.04 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI 1.96% बढ़कर 94.22 डॉलर पर था। HDFC Sky के मुताबिक दिन में ब्रेंट फ्यूचर्स करीब 3.7% चढ़कर लगभग 108 डॉलर तक पहुंच गया। तेल में यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अटकने के बाद आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के ईरान के सात दिन वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, हालांकि उन्होंने बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं (इस पर हमारी रिपोर्ट)।
एमिरेट्स NBD के डेनियल रिचर्ड्स ने द नेशनल से कहा कि शुक्रवार की अस्थायी राहत के बाद ब्रेंट फिर 106 डॉलर के ऊपर लौट आया है और ईरान का प्रस्ताव ठुकराए जाने से कच्चे तेल में भू-राजनीतिक जोखिम का प्रीमियम लौट आया है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल सीधे महंगाई, चालू खाते के घाटे और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ाता है।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी दबाव बढ़ाया। HDFC Sky की रिपोर्ट के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को ₹3,694 करोड़ के शेयर बेचे और सितंबर में अब तक करीब 1.8 अरब डॉलर की निकासी हो चुकी है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड ऊंची रहने से भी जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकल रहा है।
सेक्टर और शेयरों का हाल
बिकवाली चौतरफा रही। सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 3% और टेलीकॉम 2% गिरा, जबकि एनर्जी, इंफ्रा, FMCG, रियल्टी, प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे। छोटे और मझोले शेयरों पर मार और ज्यादा पड़ी: मिडकैप इंडेक्स 1.7% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8% गिरा।
- सबसे ज्यादा गिरे: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (-3.00%), अदाणी एंटरप्राइजेज (-2.93%), जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (-2.86%) और अदाणी पोर्ट्स (-2.48%)।
- बढ़त वाले चुनिंदा शेयर: डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (+1.67%) और इंफोसिस (+0.30%)।
- बाजार की चौड़ाई: HDFC Sky के अनुसार 1,214 शेयर चढ़े, 2,905 गिरे और 166 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बिजनेस स्टैंडर्ड के लाइव अपडेट के मुताबिक दोपहर करीब 1 बजे तक ही सेंसेक्स 971 अंक टूट चुका था, और बाजार में डर का पैमाना माना जाने वाला इंडिया VIX करीब 15% उछलकर 13.98 पर पहुंच गया था।
लगातार दबाव में बाजार
बाजार पिछले कई हफ्तों से दबाव में है। पिछले शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार सातवीं साप्ताहिक गिरावट दर्ज की थी (पूरी रिपोर्ट)। HDFC Sky के अनुसार पिछले सात हफ्तों में प्रमुख सूचकांक करीब 6% टूट चुके हैं। तेल और वैश्विक ब्याज दरों का दबाव क्यों बढ़ रहा है, इस पर हमारा पिछला विश्लेषण पढ़ें।
निवेशकों के लिए आगे क्या
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान बातचीत और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। होर्मुज को लेकर कोई ठोस प्रगति होती है तो तेल नरम पड़ सकता है, लेकिन गतिरोध लंबा खिंचा तो दबाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों का रुख और रुपये की चाल भी अहम रहेगी। ऐसे उतार-चढ़ाव वाले माहौल में घबराहट में फैसले लेने से बचना और अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से ही निवेश करना समझदारी है।
यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।





