30 सितंबर: नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक (नारायणी) नदी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार देर रात नदी का एपी तटबंध टूट गया, जिससे कई गांवों में पानी घुस गया और 30 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा है। बिहार के बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
मुख्य बातें
- कुशीनगर में तटबंध टूटा: अमर उजाला के अनुसार, तमकुहीराज तहसील में एपी (अमवाखास) तटबंध सोमवार रात करीब 10:30 बजे टूट गया और लगभग 10 मीटर हिस्सा बह गया।
- गांवों में पानी: जवही दयाल, गौरहा, सिसवा नाहर, बाघ खास और बिरवट कोनवलिया में पानी घुस गया है। 10 गांवों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।
- बिहार में रिकॉर्ड जलस्तर: बगहा गेज पर गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर दर्ज हुआ। यह 2024 के 90.90 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 35 सेंटीमीटर ज्यादा है।
- बैराज से भारी पानी: वाल्मीकिनगर के गंडक बैराज से सोमवार सुबह 6 बजे 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- राहत कार्य: NDRF, SDRF और PAC की टीमें तैनात हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान 5,000 सूखे राशन के पैकेट बांटे गए।
कुशीनगर में क्या हुआ
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार तटबंध तमकुहीराज तहसील में जवही दयाल और बिरवट कोनवलिया के बीच, गौरहा गांव के सामने टूटा। अमृत विचार के मुताबिक तटबंध से तीन दिन से पानी रिस रहा था और आधी रात के आसपास यह अचानक टूट गया। भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर 96.43 मीटर दर्ज किया गया, जो 96 मीटर के खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर है। कटान वाली जगह पर मरम्मत के दौरान बाढ़ खंड के तीन-चार कर्मचारी पानी में गिर गए, जिन्हें रस्सी की मदद से बचा लिया गया।
कुशीनगर के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया, “गांवों को खाली कराया जा रहा है… बांध को ठीक करने में बाढ़ खंड के अधिकारी लगे हैं।”
सीएम योगी का दौरा और घोषणाएं
आज तक के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि नारायणी नदी में आमतौर पर तीन से चार लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध टूट गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि होने पर प्रभावित परिवारों को 4 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने पानी उतरने के बाद साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने और संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के निर्देश भी दिए।
बिहार में क्या हाल है
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, गंडक बैराज से 13 घंटे तक पांच लाख क्यूसेक से ज्यादा और 32 घंटे तक चार लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी बहता रहा। यह 2024 के 5,62,500 क्यूसेक के सबसे ऊंचे डिस्चार्ज से कम था, फिर भी बगहा में जलस्तर ने नया रिकॉर्ड बना दिया। 28 और 29 सितंबर की रात पश्चिम चंपारण में नदी के बाएं किनारे के चंपारण तटबंध में दो जगह दरार आई: बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा गांव और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव में। कुशीनगर में दाएं किनारे पर एक दरार दर्ज की गई।
जल संसाधन विभाग ने रिसाव और पाइपिंग की 169 जगहों पर मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित किया है। बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में रात में ही कार्यपालक अभियंताओं की चार टीमें भेजी गईं। बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले प्रभावित बताए गए हैं। न्यूज़बाइट्स के अनुसार, मंगलवार सुबह तक बैराज पर डिस्चार्ज घटकर 1,91,200 क्यूसेक रह गया था।
बाढ़ क्यों आई
एएनआई के अनुसार, नेपाल में गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में कम समय में बहुत तेज बारिश हुई। इसके साथ ही 26 और 27 सितंबर को सीमावर्ती जिलों में भी अच्छी-खासी बारिश हुई। इससे पहले 27 सितंबर को ही नेपाल में बारिश के कारण बिहार में कोसी और गंडक को लेकर अलर्ट जारी किया गया था (पिछली खबर)।
आगे क्या
बैराज पर पानी का बहाव घटने लगा है, लेकिन तटबंध टूटने से जो पानी बाहर निकला है, वह निचले इलाकों के गांवों में कुछ दिन तक फैला रह सकता है। अब सबकी नज़र तटबंधों की मरम्मत, राहत शिविरों की व्यवस्था और पानी उतरने के बाद बीमारियों की रोकथाम पर रहेगी। प्रभावित इलाकों के लोगों को जिला प्रशासन के निर्देश मानने और ऊंची व सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है। नई जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
स्रोत / संदर्भ
- ANI: Gandak river records all-time high water level of 91.25 metres in Bihar
- अमर उजाला: कुशीनगर में टूटा एपी बांध, गांवों में घुसा पानी
- आज तक: कुशीनगर के बाढ़ पीड़ितों से मिले सीएम योगी
- अमृत विचार: तीन दिन से रिस रहा था तटबंध, आधी रात अचानक टूटा
- NewsBytes: Flash flood hits Bihar, UP; water breaches Gandak embankment




