8 अक्टूबर: रिज़र्व बैंक के रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% करने के अगले ही दिन कई बैंकों ने अपने लोन महंगे कर दिए। पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज़ बैंक और तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने रेपो से जुड़ी अपनी लोन दरें 0.25% बढ़ा दी हैं, समाचार एजेंसी PTI, बिज़नेस टुडे और अपस्टॉक्स ने बताया। ज़्यादातर बैंकों की नई दरें 8 अक्टूबर से लागू हैं। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका होम लोन, कार लोन या दूसरा कर्ज़ रेपो रेट से जुड़ा है।
मुख्य बातें
- PNB की रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) 8.10% से बढ़कर 8.35% हो गई है। PTI के अनुसार इसमें 0.35% का बिज़नेस स्ट्रैटेजिक प्रीमियम शामिल है।
- बैंक ऑफ बड़ौदा की रेपो आधारित लेंडिंग रेट 7.90% से 8.15% और इंडियन बैंक की 7.95% से 8.20% हुई।
- बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज़ बैंक की नई दर 8.35% है। इनकी पुरानी दर रिपोर्टों में नहीं दी गई है।
- PNB ने कहा है कि उसकी MCLR और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं है।
- हमारी गणना: ₹30 लाख के 20 साल के लोन पर ब्याज 8.10% से 8.35% होने पर EMI करीब ₹470 बढ़ती है। EMI वही रखी जाए तो नए लोन की अवधि करीब 12 महीने बढ़ जाती है।
- SBI, HDFC बैंक और ICICI बैंक की ओर से बदलाव की खबर इन रिपोर्टों में अभी नहीं है।
किस बैंक ने कितनी दर बढ़ाई
| बैंक | बेंचमार्क | पुरानी दर | नई दर | कब से |
|---|---|---|---|---|
| पंजाब नेशनल बैंक | RLLR (0.35% प्रीमियम समेत) | 8.10% | 8.35% | 8 अक्टूबर |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | रेपो आधारित लेंडिंग रेट | 7.90% | 8.15% | रिपोर्टों में नहीं |
| इंडियन बैंक | RBLR | 7.95% | 8.20% | 8 अक्टूबर |
| बैंक ऑफ इंडिया | RBLR | रिपोर्टों में नहीं | 8.35% | 8 अक्टूबर |
| इंडियन ओवरसीज़ बैंक | RBLR | रिपोर्टों में नहीं | 8.35% | 8 अक्टूबर |
| तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक | RLLR | 8.25% | 8.50% | रिपोर्टों में नहीं |
बैंक इस बेंचमार्क को अलग-अलग नाम देते हैं, जैसे RLLR या RBLR, पर सबका मतलब रेपो रेट से जुड़ी दर है। ग्राहक की असली ब्याज दर इस बेंचमार्क के ऊपर बैंक की ओर से तय किया गया अतिरिक्त हिस्सा (स्प्रेड) जोड़कर बनती है, इसलिए हर ग्राहक की दर अलग हो सकती है।
आपकी EMI पर कितना असर: हमारी गणना
नीचे की तालिका मानक EMI फॉर्मूले से बनाई गई है। मान लिया गया है कि लोन 20 साल का है, अभी शुरू हुआ है, और ब्याज दर 8.10% से बढ़कर 8.35% होती है, यानी 0.25% की वही बढ़ोतरी जो इन बैंकों ने की है। आपकी असली दर और बची हुई अवधि अलग हो तो असर भी अलग होगा।
| लोन की रकम | EMI 8.10% पर | EMI 8.35% पर | हर महीने ज़्यादा | 20 साल में कुल ज़्यादा* |
|---|---|---|---|---|
| ₹20 लाख | ₹16,853 | ₹17,167 | ₹314 | करीब ₹75,000 |
| ₹30 लाख | ₹25,280 | ₹25,751 | ₹470 | करीब ₹1.13 लाख |
| ₹50 लाख | ₹42,134 | ₹42,918 | ₹784 | करीब ₹1.88 लाख |
| ₹75 लाख | ₹63,201 | ₹64,376 | ₹1,176 | करीब ₹2.82 लाख |
EMI वही रखें तो: दर बढ़ने पर दो रास्ते होते हैं: EMI बढ़े, या EMI वही रहे और लोन की अवधि बढ़ जाए। हमारी गणना के अनुसार ऊपर के किसी भी नए 20 साल के लोन में, EMI पुरानी रखने पर अवधि 240 महीने से बढ़कर करीब 252 महीने, यानी करीब एक साल ज़्यादा हो जाती है। जो लोन कई साल से चल रहा है, उसमें यह असर कम या ज़्यादा हो सकता है। आपके लोन पर क्या लागू होगा, यह बैंक से लोन की अगली रीसेट तारीख और विकल्प पूछकर पता किया जा सकता है।
किन लोन पर असर पड़ेगा
| लोन का प्रकार | असर |
|---|---|
| रेपो से जुड़े (बाहरी बेंचमार्क) लोन | बैंक की बढ़ी हुई बेंचमार्क दर लोन के अगले रीसेट पर लागू होगी। ऊपर के छह बैंकों के ऐसे ग्राहकों पर सीधा असर। |
| MCLR से जुड़े लोन | जब तक बैंक MCLR नहीं बदलता, तुरंत असर नहीं। PNB ने कहा है कि उसकी MCLR अभी नहीं बदली। |
| फिक्स्ड रेट लोन | अनुबंध की अवधि तक दर तय रहती है; अनुबंध की शर्तें देखें। |
फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) की दरों में बदलाव की खबर इन बैंकों के बारे में अभी तक की रिपोर्टों में नहीं है।
पृष्ठभूमि: RBI ने क्या किया
रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% किया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। PTI के अनुसार केंद्रीय बैंक ने अपना रुख “calibrated tightening” यानी नपी-तुली सख्ती का कर दिया है, जिससे निकट भविष्य में दरें घटने की उम्मीद कम हो गई है। RBI ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में खुदरा महंगाई 6.0% तक जाने का अनुमान दिया है। पूरा ब्योरा हमारी रिपोर्ट में है: RBI ने रेपो रेट 5.50% किया।
इसका मतलब क्या है
0.25% की एक बढ़ोतरी से ज़्यादातर परिवारों की EMI कुछ सौ रुपये बढ़ती है, जैसा ऊपर की तालिका दिखाती है। असली बात यह है कि रिज़र्व बैंक ने आगे भी सख्ती का संकेत दिया है। अगर दिसंबर में एक और बढ़ोतरी होती है, तो यह असर लगभग दोगुना हो जाएगा। सरकारी बैंकों ने 24 घंटे के भीतर दरें बढ़ाकर दिखाया है कि रेपो से जुड़े लोन में नीति का असर कितनी जल्दी ग्राहक तक पहुंचता है।
आगे क्या
- PTI के अनुसार दूसरे बैंक भी जल्द अपनी बेंचमार्क दरें बढ़ा सकते हैं। SBI, HDFC बैंक और ICICI बैंक के फैसले पर नज़र रहेगी।
- मौद्रिक नीति समिति की बैठक का ब्योरा (मिनट्स) 21 अक्टूबर को आएगा।
- अगली नीति बैठक 2 से 4 दिसंबर को है।
- FD दरों में बदलाव, जिसकी खबर अभी नहीं आई है।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। अपने लोन की सही दर और शर्तों के लिए अपने बैंक से संपर्क करें।
स्रोत / संदर्भ
- PTI, फ्री प्रेस जर्नल के ज़रिए: Banks Begin Raising Lending Rates After RBI Hikes Repo Rate By 25 Basis Points
- बिज़नेस टुडे: Loans get costlier: PNB, BOB others hike rates after RBI’s 25 bps repo rate hike
- अपस्टॉक्स: RBI rate hike bites: PNB, BoB among banks raising lending rates in October
- PSU वॉच: Banks raise lending rates after RBI policy rate hike





