पटना/काठमांडू, 27 सितंबर: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर दिख रहा है। कोसी बराज पर शुक्रवार को 56 में से 43 गेट खोलने पड़े और नारायणी (गंडक) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिहार सरकार ने गंडक, कोसी और बागमती से जुड़े 17 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है।
आगे की खबर (30 सितंबर): गंडक नदी बगहा में रिकॉर्ड 91.25 मीटर पर पहुंची और कुशीनगर में एपी तटबंध टूट गया। पढ़ें: गंडक का रिकॉर्ड उफान, कुशीनगर में तटबंध टूटा
मुख्य बातें
- नेपाल के कोसी बराज पर 43 गेट खुले; पानी का बहाव 3,16,795 क्यूसेक तक पहुंचा और रेड वार्निंग लाइट जलाई गई (नेपाल की रिपोर्ट, 26 सितंबर)।
- नारायणी नदी का बहाव 3,48,000 क्यूसेक के पार, गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए।
- बिहार के जल संसाधन विभाग का अनुमान: गंडक बराज पर करीब 3,81,638 क्यूसेक और कोसी बराज पर करीब 3,53,407 क्यूसेक तक पानी आ सकता है।
- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 17 जिलों में हाई अलर्ट, 24 घंटे निगरानी और NDRF-SDRF को तैयार रहने का निर्देश दिया।
- मदद के लिए आपदा हेल्पलाइन: 1070।
नेपाल में क्या हो रहा है
नेपाल में बुधवार रात से लगातार बारिश हो रही है। नेपाली समाचार पोर्टल खबरहब के मुताबिक शुक्रवार को कोसी बराज के 56 में से 43 गेट खोले गए और बहाव 3,16,795 क्यूसेक दर्ज किया गया। बराज पर खतरे का संकेत देने वाली लाल बत्ती जलाई गई और नदी किनारे रहने वालों से सुरक्षित जगह जाने को कहा गया।
नेपाल न्यूज़ की 26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार नारायणी नदी 3,48,000 क्यूसेक के साथ चेतावनी स्तर से ऊपर है और गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। पिछले 24 घंटे में नेपाल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई, और सशस्त्र पुलिस बल ने सुस्ता इलाके से 29 लोगों और मवेशियों को निकाला। नेपाल में 54 सड़क खंड बाढ़ और भूस्खलन से बंद हैं।
बिहार में अलर्ट: किन जिलों पर खतरा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गंडक, बागमती और कोसी से जुड़े 17 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया। नदियों के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की 24 घंटे निगरानी, पुलों और गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर नज़र, और संवेदनशील इलाकों में माइक से चेतावनी देने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग ने 25 सितंबर को अपने पूर्वानुमान में कहा था कि गंडक बराज (वाल्मीकिनगर) पर करीब 3,81,638 क्यूसेक और कोसी बराज (बीरपुर) पर करीब 3,53,407 क्यूसेक तक पानी आ सकता है। उस दिन शाम 5 बजे वाल्मीकिनगर पर बहाव 1.29 लाख और बीरपुर पर 2.66 लाख क्यूसेक था। PTI की रिपोर्ट के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जैसे जिले विभाग की निगरानी में हैं। राहत के लिए 222 नावें, SDRF की 27 और NDRF की 8 टीमें लगाई गई हैं।
कोसी क्षेत्र में सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया पर खास ध्यान है। दैनिक जागरण की 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण मुख्य अभियंता ई. संजीव शैलेश ने बताया कि पानी को गेटों के ज़रिए व्यवस्थित तरीके से नीचे छोड़ा जा रहा है, और तटबंध के संवेदनशील बिंदुओं पर इंजीनियर 24 घंटे तैनात हैं। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में कोसी में 6 लाख क्यूसेक तक पानी आने की आशंका जताई गई है; विभाग का आधिकारिक अनुमान ऊपर दिए आंकड़ों के आसपास है।
नेपाल की बारिश बिहार में बाढ़ क्यों लाती है
कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियां नेपाल के पहाड़ों से निकलकर बिहार के मैदानों में आती हैं। कोसी और गंडक बराज भारत-नेपाल सीमा के पास हैं और उनका संचालन भारत करता है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश होते ही कुछ घंटों में पानी इन बराजों तक पहुंच जाता है, और वहां से बिहार के निचले जिलों में फैलता है। कोसी को इसी कारण “बिहार का शोक” कहा जाता है; 2024 में भी सितंबर के आखिर में कोसी और गंडक बराज से भारी पानी छोड़े जाने के बाद कई तटबंध टूटे थे।
लोग क्या करें
- तटबंध के अंदर और नदी किनारे रहने वाले लोग प्रशासन के कहने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाएं।
- नदी में मछली पकड़ने, नहाने या नाव से पार करने से बचें।
- ज़रूरी कागज़, दवाइयां, पीने का पानी और सूखा खाना पहले से तैयार रखें।
- मदद के लिए आपदा हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें और केवल सरकारी चेतावनियों पर भरोसा करें।
पृष्ठभूमि
नेपाल इस साल भीषण बाढ़ झेल चुका है — पढ़ें नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,367 पहुंची और नई बैरियर झील से बाढ़ का खतरा। सितंबर में मौसम विभाग ने बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी थी (IMD अलर्ट)।
आगे क्या
अगले 24–48 घंटे अहम हैं। नेपाल में बारिश कम हुई तो बराजों पर बहाव घटने लगेगा, लेकिन निचले जिलों तक पानी पहुंचने में समय लगता है, इसलिए खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जैसे जिलों में सतर्कता कुछ दिन और जरूरी रहेगी। The Press of Asia स्थिति बदलने पर यह रिपोर्ट अपडेट करेगा।
स्रोत / संदर्भ
- Khabarhub (नेपाल): “Water flow rises in Koshi Barrage, 43 gates opened” (26 सितंबर 2026)
- Nepal News: Evening Briefing, 26 सितंबर 2026
- The Print (PTI): “Bihar steps up vigil along Gandak, Kosi rivers following forecast of rise in discharge” (25 सितंबर 2026)
- First Bihar: 17 जिलों में हाई अलर्ट, मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक (26 सितंबर 2026)
- Daily Jagran: “Massive flood threat in Bihar as Kosi barrage…” (25 सितंबर 2026)




