3 अक्टूबर: कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को आराधना मिश्रा “मोना” को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। 52 साल की आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से लगातार तीन बार की विधायक हैं और अब तक विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता थीं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। उनका जन्म प्रयागराज में हुआ था। यह रिपोर्ट विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल, चुनावी हलफनामे और चुनाव नतीजों के आधार पर बताती है कि वह कौन हैं और यहां तक कैसे पहुंचीं।
मुख्य बातें
- जन्म: 20 अप्रैल 1974, इलाहाबाद (अब प्रयागराज)।
- परिवार: पिता प्रमोद तिवारी, पति अंबिका मिश्र, एक बेटा और एक बेटी।
- शिक्षा: स्नातक। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार 1997 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम।
- राजनीतिक सफर: तीन बार ब्लॉक प्रमुख, 2014 से लगातार तीन बार विधायक, अक्टूबर 2019 से विधानमंडल दल की नेता।
- घोषित संपत्ति: 2022 के हलफनामे में करीब 34.06 करोड़ रुपये।
जन्म, परिवार और शिक्षा
उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार आराधना मिश्रा का जन्म 20 अप्रैल 1974 को इलाहाबाद में हुआ। उनका विवाह 2 दिसंबर 1999 को अंबिका मिश्र से हुआ और उनके एक बेटा तथा एक बेटी हैं। उनका स्थायी पता प्रतापगढ़ जिले की कुंडा तहसील का संग्रामगढ़ गांव है। प्रोफाइल में उनका व्यवसाय कृषि लिखा है।
तरुण मित्र की एक रिपोर्ट के अनुसार उनकी माता डॉ. अलका तिवारी थीं और उनकी एक छोटी बहन डॉ. विजयश्री सोना हैं। विधानसभा की प्रोफाइल में शिक्षा के आगे “स्नातक” दर्ज है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की वेबसाइट माईनेता पर उपलब्ध 2022 के हलफनामे में लिखा है कि उन्होंने 1997 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया।
पिता की विरासत: रामपुर खास
आराधना मिश्रा की राजनीति को उनके पिता प्रमोद तिवारी से अलग करके नहीं देखा जा सकता। प्रमोद तिवारी रामपुर खास से नौ बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में सूचना एवं प्रसारण, पर्यटन एवं ऊर्जा तथा परिवहन मंत्री रहे। विधानसभा की प्रोफाइल के अनुसार 2005 में उन्हें “आदर्श विधायक” के रूप में सम्मानित किया गया था। न्यूज़ट्रैक के मुताबिक इस सीट पर तिवारी परिवार का असर करीब 47 साल से है।
दिसंबर 2013 में प्रमोद तिवारी राज्यसभा चले गए। इससे रामपुर खास सीट खाली हुई और 2014 में उपचुनाव हुआ। कांग्रेस ने इस उपचुनाव में आराधना मिश्रा को उतारा। न्यूज़एक्स के अनुसार प्रमोद तिवारी इस समय राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं।
ब्लॉक प्रमुख से शुरुआत
विधानसभा पहुंचने से पहले आराधना मिश्रा स्थानीय राजनीति में सक्रिय थीं। न्यूज़ नेशन के अनुसार वह रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक की लगातार तीन बार ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं। आज तक के मुताबिक वह दो दशक से ज्यादा समय से राजनीति में हैं।
चुनावी रिकॉर्ड: तीन चुनाव, तीन जीत
- 2014 (उपचुनाव): पहली बार विधायक बनीं। इंडिया वोट्स के अनुसार उन्हें 57.8% वोट मिले।
- 2017: 81,463 वोट पाकर भाजपा के नागेश प्रताप सिंह को 17,066 वोटों से हराया। नागेश प्रताप सिंह को 64,397 वोट मिले थे।
- 2022: 84,334 वोट पाकर फिर नागेश प्रताप सिंह को हराया, जिन्हें 69,593 वोट मिले। जीत का अंतर 14,741 वोट रहा।
2017 और 2022, दोनों चुनावों में प्रदेश में भाजपा की बड़ी जीत के बावजूद उन्होंने अपनी सीट बचाई। 2022 में कांग्रेस पूरे प्रदेश में सिर्फ दो सीटें जीत सकी थी, जिनमें एक रामपुर खास थी। विधानसभा की वेबसाइट पर दलवार सूची में आज भी कांग्रेस के दो ही सदस्य दर्ज हैं।
विधानसभा में भूमिका
7 अक्टूबर 2019 को कांग्रेस ने अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया और उसी दिन आराधना मिश्रा को विधानमंडल दल का नेता नियुक्त किया, स्क्रॉल ने तब रिपोर्ट किया था। तरुण मित्र के अनुसार वह प्रतापगढ़ से किसी पार्टी के विधानमंडल दल की नेता बनने वाली पहली महिला हैं।
विधानसभा की प्रोफाइल के मुताबिक 2017 से 2022 के बीच वह स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच संबंधी समिति और महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सदस्य रहीं। न्यूज़ नेशन के अनुसार उन्होंने 2027 के चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की बात उठाई है।
प्रियंका गांधी के अभियान से जुड़ाव
आज तक और न्यूज़ट्रैक के अनुसार आराधना मिश्रा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी नेताओं में गिनी जाती हैं और 2022 के चुनाव से पहले पार्टी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” अभियान में सक्रिय रहीं।
संपत्ति और हलफनामे में दर्ज मामले
माईनेता पर उपलब्ध 2022 के हलफनामे के अनुसार आराधना मिश्रा ने कुल 34,06,21,305 रुपये की संपत्ति घोषित की थी। इसमें 6,06,01,305 रुपये की चल और 28,00,20,000 रुपये की अचल संपत्ति है। उन्होंने कोई देनदारी नहीं बताई। 2020-21 के आयकर रिटर्न में उनकी अपनी आय 14,09,440 रुपये और पति की आय 28,43,850 रुपये दर्ज है।
इसी हलफनामे में उन्होंने अपने खिलाफ छह लंबित आपराधिक मामले घोषित किए थे। सभी छह एफआईआर 2021 की हैं। इनमें बलवा, मारपीट और धमकी से जुड़ी धाराएं हैं और दो एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा 307 भी लगी है। हलफनामे के अनुसार किसी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। लंबित मामला आरोप होता है, अदालत का फैसला नहीं। इन मामलों की मौजूदा स्थिति की जानकारी हमें नहीं मिल सकी।
समाजसेवा और रुचियां
विधानसभा की प्रोफाइल के अनुसार वह संग्रामगढ़ के सरयू समाज कल्याण संस्थान और सरयू सांस्कृतिक रंगमंच की सचिव हैं। प्रोफाइल में दिव्यांगजनों के इलाज और कृत्रिम अंग वितरण के कैंप तथा निःशुल्क आंख ऑपरेशन कैंप का जिक्र है। उनकी रुचियों में समाजसेवा, अध्ययन, पत्रकारिता, धार्मिक पुस्तकें पढ़ना और संगीत सुनना दर्ज है।
अध्यक्ष के तौर पर चुनौतियां
- छोटा विधायी आधार: 403 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के सिर्फ दो विधायक हैं।
- कम समय: विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं।
- गठबंधन: अमर उजाला के अनुसार समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारा नई टीम के सामने बड़ा सवाल है।
नियुक्ति के बाद उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि वह यह जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। नियुक्ति की पूरी खबर और नई टीम की जानकारी यहां पढ़ें।
स्रोत / संदर्भ
- उत्तर प्रदेश विधान सभा: सदस्य परिचय, श्रीमती आराधना मिश्रा, मोना
- MyNeta (ADR): Aradhana Mishra, Mona, Rampur Khas, 2022 affidavit
- IndiaVotes: Rampur Khas, Vidhan Sabha 2022
- Oneindia: Rampur Khas Election Results
- Scroll (2019): Congress appoints Ajay Kumar Lallu the party chief for Uttar Pradesh
- आज तक: जानें कौन हैं आराधना मिश्रा
- न्यूज़ नेशन: कौन हैं आराधना मिश्रा?
- तरुण मित्र: आराधना मिश्रा मोना प्रथम महिला विधानमंडल दल नेता
- Newstrack: Who Is Aradhana Mishra Mona?
- NewsX: Who is Aradhana Mishra ‘Mona’, Daughter Of Pramod Tiwari?
- अमर उजाला: कांग्रेस ने आखिर क्यों बदला प्रदेश अध्यक्ष?
- Asianet Newsable (ANI): Congress appoints Aradhana Misra ‘Mona’ as new Uttar Pradesh chief





