5 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन (Guy Parmelin) ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों देशों ने प्रवासन और आवाजाही साझेदारी (Migration and Mobility Partnership) और युवा पेशेवरों की अदला-बदली के समझौते किए, जिनमें 5 साल तक वैध मल्टीपल-एंट्री वीज़ा का प्रावधान है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-EFTA व्यापार समझौते से अगले 15 साल में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां साकार होंगी।
मुख्य बातें
- वीज़ा: आवाजाही समझौते में 5 साल तक वैध मल्टीपल-एंट्री वीज़ा और एक साल के नवीकरण योग्य छात्र परमिट का प्रावधान है।
- युवा पेशेवर: हर साल दोनों देशों से 300-300 युवा पेशेवरों की अदला-बदली होगी, जिसे 500 तक बढ़ाया जा सकता है।
- निवेश: 15 साल में 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का लक्ष्य भारत-EFTA समझौते (TEPA) से जुड़ा है।
- नए क्षेत्र: रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, AI, परिवहन तकनीक और शोध में सहयोग पर बात हुई।
- यात्रा: राष्ट्रपति पार्मेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं।
वार्ता में क्या तय हुआ
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार दोनों पक्षों के बीच ये समझौते और दस्तावेज़ तय हुए:
| समझौता | क्या है |
|---|---|
| प्रवासन और आवाजाही साझेदारी (MMP) | 5 साल तक वैध मल्टीपल-एंट्री वीज़ा; एक साल के नवीकरण योग्य छात्र परमिट; युवाओं के लिए रोज़गार के अवसरों की व्यवस्था |
| युवा पेशेवरों की अदला-बदली का समझौता | हर साल दोनों देशों से 300 युवा पेशेवर; संख्या 500 तक बढ़ाई जा सकती है |
| परिवहन तकनीक, मोबिलिटी सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर MoU | इलेक्ट्रिक वाहन, रोपवे, सर्कुलर इकॉनमी और सुरंग निर्माण में सहयोग |
| आशय पत्र (LoI): भारत का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन | लंबी अवधि का संयुक्त शोध |
| क्रियान्वयन व्यवस्था: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और ज़्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़ | शुरुआती स्टार्टअप के लिए इंडो-स्विस अकादमिक-उद्योग प्रशिक्षण कार्यक्रम |
ANI के मुताबिक आवाजाही समझौते में नागरिकता और निवास की स्थिति की पुष्टि 30 से 90 दिन में करने की समय-सीमा भी रखी गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष में संयुक्त शोध की पहलों का भी ज़िक्र किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा
वार्ता के बाद अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है, और यह निवेश, नवाचार, रोज़गार और साझा समृद्धि का खाका है। उन्होंने कहा कि इससे अगले 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां साकार की जाएंगी।
ANI के अनुसार भारत कृषि, फार्मा, कपड़ा और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात बढ़ाना चाहता है, जबकि स्विस कंपनियों से बायोटेक, लाइफ साइंसेज़, बैंकिंग, बीमा, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी में निवेश की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने की बात भी कही।
वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और स्विट्ज़रलैंड दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं, और दोनों मानते हैं कि बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार ज़रूरी है। द स्टेट्समैन के अनुसार उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत ने शांति के हर सार्थक प्रयास का लगातार समर्थन किया है।
नोट: प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बयान अंग्रेज़ी रिपोर्टों से लिए गए हैं, इसलिए यहां उनका भावार्थ दिया गया है, शब्दशः उद्धरण नहीं।
राष्ट्रपति पार्मेलिन ने क्या कहा
राष्ट्रपति पार्मेलिन ने कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों की पुरानी और व्यापक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक कदम है, और यह रिश्ता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और आपसी सम्मान पर टिका है। ANI के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि TEPA लागू होने के बाद से कंपनियों की इसमें दिलचस्पी बहुत मज़बूत रही है। AI में सहयोग पर भी बात हुई। ANI के अनुसार स्विट्ज़रलैंड 2027 में जेनेवा में वैश्विक AI शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा।
TEPA क्या है और 100 अरब डॉलर का आंकड़ा कहां से आया
EFTA यूरोप के चार देशों का समूह है: आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड। भारत और EFTA का समझौता TEPA 1 अक्टूबर 2025 से लागू है। विदेश मंत्रालय के अनुसार EFTA देशों में स्विट्ज़रलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियों का आंकड़ा इसी समझौते से जुड़ा 15 साल का लक्ष्य है।
आगे का कार्यक्रम
यह राष्ट्रपति पार्मेलिन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है। वे इसी साल फरवरी में AI इम्पैक्ट समिट के लिए भी नई दिल्ली आए थे। सोमवार को उन्होंने राजघाट पर श्रद्धांजलि दी, और राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की। कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू की ओर से राजकीय भोज भी शामिल है। 7 अक्टूबर को राष्ट्रपति पार्मेलिन दूसरे भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन (Prosperity Summit) में हिस्सा लेंगे, जो TEPA की पहली वर्षगांठ पर हो रहा है।
विश्लेषण: आम पाठक के लिए इसका मतलब
हिंदी डेस्क का विश्लेषण। सोमवार की ठोस उपलब्धि वीज़ा और आवाजाही से जुड़े समझौते हैं, जिनका सीधा असर छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों पर पड़ेगा। 100 अरब डॉलर का आंकड़ा नई घोषणा नहीं है। यह TEPA से जुड़ा 15 साल का लक्ष्य है, इसलिए असली कसौटी यह होगी कि आने वाले सालों में कितना निवेश वास्तव में ज़मीन पर उतरता है। 7 अक्टूबर के शिखर सम्मेलन में इस पर और ब्योरा सामने आ सकता है।
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संदर्भ
- ANI: India and Switzerland seal 5-year visa mobility pact, target USD 100B investment following PM Modi and President Parmelin talks
- ANI: India, Switzerland believe reforms in global institutions essential for addressing challenges, says PM Modi
- ANI: Swiss President Guy Parmelin accorded ceremonial welcome at Rashtrapati Bhavan as three-day State visit begins
- The Tribune (ANI): PM Modi, Swiss President Guy Parmelin hold delegation-level meeting
- The Statesman: $100 billion investment, 10 lakh jobs: What PM Modi said after talks with Swiss President
- Punjab Kesari (English): PM Modi, Swiss President Parmelin discuss ways to deepen cooperation in trade, AI and defence production
- Akashvani News: PM Modi holds bilateral talks with Swiss President Guy Parmelin in New Delhi





