9 अक्टूबर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST काउंसिल ने गुरुवार को अपनी 57वीं बैठक में GST कानून से गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने, टैक्स चोरी के मामलों में मुकदमा चलाने की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने और सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की सिफारिश की है, लाइव लॉ और ऑफिसन्यूज़ ने बताया। रिफंड की प्रक्रिया तेज़ करने और कई खर्चों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) देने की सिफारिशें भी हैं। टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। ये सिफारिशें हैं; कानून में संशोधन और अधिसूचनाओं के बाद ही लागू होंगी।
मुख्य बातें
- CGST अधिनियम की धारा 69 हटाने की सिफारिश, जिसके तहत अभी कुछ अपराधों में गिरफ्तारी हो सकती है (लाइव लॉ)।
- ₹10,000 से कम टैक्स के मामलों में कारण बताओ नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
- सिस्टम के जोखिम आकलन के आधार पर निर्यात और उल्टे शुल्क ढांचे (इनवर्टेड ड्यूटी) वाले 90% रिफंड दावे अस्थायी रूप से मंज़ूर होंगे।
- कम जोखिम वाले आवेदकों को बिना अधिकारी के दखल के 3 कामकाजी दिनों में रजिस्ट्रेशन (ऑफिसन्यूज़)।
- ई-वे बिल के लिए गाड़ियां अब केवल ज्वाइंट कमिश्नर या उससे ऊपर के अधिकारी की मंज़ूरी से रोकी जा सकेंगी।
- ऑफिसन्यूज़ के अनुसार सीतारमण ने कहा कि दरों से जुड़े मामले साल में एक बार अलग बैठक में लिए जाएंगे।
पहले क्या था, अब क्या होगा
| विषय | अभी | सिफारिश | स्रोत |
|---|---|---|---|
| गिरफ्तारी (धारा 69) | कुछ अपराधों में गिरफ्तारी संभव | प्रावधान हटाने की सिफारिश | लाइव लॉ |
| मुकदमा चलाने की सीमा | ₹1 करोड़ | ₹5 करोड़ | लाइव लॉ, ऑफिसन्यूज़ |
| न्यूनतम सज़ा | तय | हटाने की सिफारिश; जुर्माना, कैद या दोनों अदालत के विवेक पर | ऑफिसन्यूज़ |
| सामान्य जुर्माना (धारा 125) | अधिकतम ₹25,000 | अधिकतम ₹10,000 | लाइव लॉ |
| कारण बताओ नोटिस | छोटी रकम पर भी | ₹10,000 से कम टैक्स पर नहीं | लाइव लॉ |
| गैर-धोखाधड़ी मामलों में जुर्माना | — | आदेश के 30 दिन (धारा 73) या 60 दिन (धारा 74A) में टैक्स और ब्याज चुकाने पर 5% | लाइव लॉ |
| सिर्फ जुर्माने वाली अपील में प्री-डिपॉज़िट | — | अधिकतम ₹40 करोड़ | लाइव लॉ |
| रिफंड आवेदन की पावती | 15 दिन | 10 दिन; अधिकारी कुछ न करे तो पावती मानी जाएगी | लाइव लॉ, ऑफिसन्यूज़ |
| रिफंड आदेश | पावती के 7 दिन में | पावती के 3 कामकाजी दिन में | ऑफिसन्यूज़ |
| इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में बची रकम | आवेदन पर रिफंड | अपने आप पूरा रिफंड | लाइव लॉ |
हमारी गणना के अनुसार मुकदमे की सीमा पांच गुना हो जाएगी और अधिकतम सामान्य जुर्माना 60% कम। रिफंड के मामले में पावती और आदेश, दोनों मिलाकर समय सीमा पहले की करीब 22 दिन से घटकर करीब 13 दिन रह जाएगी (10 दिन पावती + 3 कामकाजी दिन आदेश), हालांकि कामकाजी दिन और कैलेंडर दिन अलग गिने जाते हैं।
बॉम्बे समाचार के अनुसार सीतारमण ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ₹5 करोड़ से कम के मामलों में मुकदमा नहीं चलेगा। (बयान अंग्रेज़ी रिपोर्ट से लिया गया है; यहां भावार्थ है।)
कारोबारियों को और क्या राहत
| क्षेत्र | सिफारिश | स्रोत |
|---|---|---|
| इनपुट टैक्स क्रेडिट | कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा, टेलीकॉम टावर, फैक्टरी के बाहर बिछी पाइपलाइन, मुफ्त सैंपल और एक्सपायरी के बाद नष्ट किए गए स्टॉक पर ITC | ऑफिसन्यूज़, लाइव लॉ |
| FMCG और दवा कंपनियां | इनपुट सेवाओं पर चुकाए टैक्स का रिफंड (1 नवंबर 2026 या उसके बाद लिए गए क्रेडिट पर); प्लांट और मशीनरी के क्रेडिट का हर महीने 1/60 हिस्सा रिफंड (1 अप्रैल 2027 से) | ऑफिसन्यूज़ |
| छोटे कारोबारी | ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वालों के लिए शर्तों के साथ देर से रिटर्न भरने की लेट फीस माफ; केवल उपभोक्ताओं को बेचने वालों के लिए साल में एक रिटर्न और तिमाही भुगतान की वैकल्पिक योजना पर सैद्धांतिक सहमति | लाइव लॉ, ऑफिसन्यूज़ |
| ई-कॉमर्स विक्रेता | दूसरे राज्य में ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम को वहां का मुख्य कारोबारी स्थान घोषित करने की सुविधा | ऑफिसन्यूज़ |
| सेवा निर्यात | विदेश में अपनी शाखा के ज़रिए निर्यात और भारत में विदेशी ग्राहक के सामान पर की गई सेवाएं निर्यात मानी जाएंगी | ऑफिसन्यूज़ |
| ईमानदार खरीदार | सही बिल, माल की डिलीवरी और पूरा भुगतान करने वाले खरीदारों की सुरक्षा पर अधिकारियों की समिति तीन महीने में रिपोर्ट देगी | ऑफिसन्यूज़ |
GST 2.0 का एक साल: आंकड़े
ऑफिसन्यूज़ के अनुसार बैठक में पिछले साल के दर-सुधार (GST 2.0) के बाद के ये आंकड़े रखे गए:
| पैमाना | पहले | अब | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कर-योग्य आपूर्ति (हर महीने) | ₹40.19 लाख करोड़ | ₹50.58 लाख करोड़ | 25.8% बढ़ी |
| उपभोक्ताओं को आपूर्ति (हर महीने) | ₹5.98 लाख करोड़ | ₹7.58 लाख करोड़ | 26.7% बढ़ी |
| कुल टैक्स देनदारी (हर महीने) | ₹5.85 लाख करोड़ | ₹6.64 लाख करोड़ | 13.6% बढ़ी |
| घरेलू आपूर्ति पर प्रभावी टैक्स दर | 14.55% | 13.13% | 1.42 प्रतिशत अंक घटी (हमारी गणना) |
कब लागू होगा
लाइव लॉ के अनुसार ये सिफारिशें हैं और सर्कुलर, अधिसूचना या कानून में संशोधन के बाद ही लागू होंगी। गिरफ्तारी वाली धारा 69 हटाना और धारा 132 में बदलाव CGST अधिनियम में संशोधन से होंगे, जिसके लिए संसद को कानून पास करना होगा; राज्यों के GST कानूनों में भी बदलाव चाहिए। ऑफिसन्यूज़ के अनुसार केवल दो तारीखें तय हैं: इनपुट सेवाओं के रिफंड के लिए 1 नवंबर 2026 और प्लांट-मशीनरी रिफंड के लिए 1 अप्रैल 2027।
इसका मतलब क्या है
यह बैठक टैक्स की दरों के बजाय कानून के डर और कागज़ी झंझट को कम करने पर रही। गिरफ्तारी हटने और मुकदमे की सीमा बढ़ने से छोटे कारोबारियों पर आपराधिक कार्रवाई का खतरा घटेगा, जबकि बड़ी धोखाधड़ी, जैसे बिना माल या बिल के फर्जी ITC लेना, अब भी अपराध बनी रहेगी (लाइव लॉ के अनुसार धारा 132(1)(c) को इसी पर केंद्रित किया जा रहा है)। तेज़ रिफंड से दवा और FMCG जैसी कंपनियों की नकदी की तंगी कम होगी। पर असली असर तब दिखेगा जब कानून में बदलाव पास होंगे और अधिसूचनाएं जारी होंगी।
आगे क्या
- संसद में CGST अधिनियम में संशोधन का विधेयक कब आता है।
- सर्कुलर और अधिसूचनाएं, जिनसे रिफंड और ITC के बदलाव लागू होंगे।
- छोटे कारोबारियों की सालाना रिटर्न योजना और ईमानदार खरीदारों की सुरक्षा पर अगली बैठक में फैसला।
- दरों पर अलग सालाना बैठक की तारीख।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कर सलाह नहीं। अपने मामले के लिए किसी कर विशेषज्ञ से संपर्क करें।
स्रोत / संदर्भ
- लाइव लॉ: GST Council Recommends Dropping Arrest Powers, Raising Prosecution Threshold To ₹5 Crore
- ऑफिसन्यूज़: 57th GST Council Meeting: No GST rate change, FMCG & pharma get ITC relief; taxman’s arrest power removed
- बॉम्बे समाचार: GST Council Removes Arrest Powers, Prosecution Limit Raised to Rs 5 Crore





