8 अक्टूबर: दिल्ली पुलिस ने बुधवार के विपक्षी प्रदर्शन के सिलसिले में तीन और FIR दर्ज की हैं, जिनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम हैं। आरोप पुलिसकर्मियों पर हमले, धक्का-मुक्की और सरकारी काम में बाधा डालने के हैं, ThePrint, ETV भारत और आउटलुक ने गुरुवार को बताया। इससे पहले मंगलवार के प्रदर्शन में आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति घुसने के मामले में एक FIR दर्ज हो चुकी है। यानी इस हफ्ते के प्रदर्शनों पर अब तक कम से कम चार मामले हैं। FIR आरोप है, दोष साबित होना नहीं, और किसी नेता की गिरफ्तारी की खबर नहीं है। गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने राजघाट पर करीब दो घंटे धरना दिया।
मुख्य बातें
- बुधवार को INDIA गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। ETV भारत के अनुसार पुलिस ने बताया कि 91 लोग हिरासत में लिए गए।
- राहुल गांधी को बाराखंभा रोड थाने और प्रियंका गांधी वाड्रा को छत्रसाल स्टेडियम थाने ले जाया गया। द स्टेट्समैन के अनुसार राहुल गांधी करीब दो घंटे बाद बुधवार शाम छोड़ दिए गए।
- भाजपा प्रवक्ताओं ने वीडियो का हवाला देकर दोनों नेताओं पर महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने उलटे पुलिस पर उनसे बदसलूकी करने का आरोप लगाया।
- FIR में लगी धाराओं के नंबर अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। ThePrint ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से लिखा कि धाराएं सरकारी कर्मचारी पर हमले और उसके काम में बाधा डालने से जुड़ी हैं।
- शुक्रवार को विपक्ष के एक और मार्च की तैयारी है। आज तक के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी दिल्ली में हैं और इसमें शामिल हो सकती हैं।
अब तक के मामले: एक नज़र में
| मामला | किस प्रदर्शन से जुड़ा | आरोप | धाराएं | स्रोत |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मंगलवार, 6 अक्टूबर: संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च, आकाशवाणी भवन में धरना | आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति घुसना | ANI के अनुसार ब्योरा आना बाकी | ANI, द वीक। FIR किस दिन दर्ज हुई, इस पर रिपोर्टें अलग हैं: ANI ने बुधवार लिखा, ETV भारत ने मंगलवार। |
| 2, 3 और 4 | बुधवार, 7 अक्टूबर: जंतर मंतर की ओर मार्च | पुलिसकर्मियों पर हमला, धक्का-मुक्की, सरकारी काम में बाधा और दुर्व्यवहार | नंबर सार्वजनिक नहीं; सरकारी कर्मचारी पर हमले और काम में बाधा से जुड़ी (ThePrint) | ThePrint, ETV भारत, आउटलुक |
ThePrint ने “कम से कम तीन” FIR लिखा है, और न्यूज़ड्रम के अनुसार पुलिस ने कहा है कि वीडियो फुटेज की जांच के बाद और मामले दर्ज हो सकते हैं। इसलिए यह गिनती आगे बदल सकती है।
तीन दिन, तीन प्रदर्शन
| दिन | क्या हुआ | स्रोत |
|---|---|---|
| मंगलवार, 6 अक्टूबर | संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च रोका गया; राहुल और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन में घंटों धरने पर बैठे; रात में हिरासत, 10:20 बजे रिहाई। पूरा ब्योरा हमारी रिपोर्ट में। | आज तक, डायनामाइट न्यूज़ |
| बुधवार, 7 अक्टूबर | खड़गे के लंच के बाद सांसद बसों से जंतर मंतर की ओर निकले; रास्ते में पुलिस ने रोका और सांसद धरने पर बैठ गए। ThePrint ने यह जगह विंडसर प्लेस के पास बताई है, द स्टेट्समैन ने शांगरी-ला होटल के पास के गोलचक्कर पर। 91 लोग हिरासत में; राहुल करीब दो घंटे बाद छोड़े गए। | ThePrint, द स्टेट्समैन, ETV भारत |
| गुरुवार, 8 अक्टूबर (सुबह) | बुधवार के प्रदर्शन पर तीन FIR दर्ज होने की खबर। | ThePrint, ETV भारत, आउटलुक |
| गुरुवार, 8 अक्टूबर (दोपहर-शाम) | कनॉट प्लेस में खड़गे के लंच के बाद सांसद बसों से राजघाट गए, करीब दो घंटे धरना दिया और गांधी समाधि पर प्रार्थना की। आज तक की रिपोर्ट में गुरुवार को किसी हिरासत का ज़िक्र नहीं है। | आज तक |
| शुक्रवार, 9 अक्टूबर | एक और मार्च (“हल्लाबोल”) की संभावना; कार्यक्रम, रास्ता और जगह आधिकारिक रूप से घोषित नहीं। | आज तक |
आरोप और जवाब
भाजपा के आरोप
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, जिसे डीटी नेक्स्ट ने छापा, भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक महिला कांस्टेबल को अनुचित तरीके से छुआ और प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक महिला पुलिस अधिकारी के पेट में मुक्का मारा। एक अन्य प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उसमें कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों को लात-घूंसे मारते दिख रहे हैं, और कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने की रणनीति का आरोप लगाया।
वीडियो के बारे में क्या पता है
फ्री प्रेस जर्नल ने PTI के हवाले से लिखा कि पुलिस कई मोबाइल वीडियो की जांच कर रही है, ताकि शामिल लोगों की पहचान हो सके और घटनाओं का क्रम तय हो सके। अखबार के अनुसार प्रियंका गांधी वाले वीडियो में वे एक कांस्टेबल को कोहनी मारती दिखती प्रतीत होती हैं, पर यह साफ नहीं है कि ऐसा जानबूझकर हुआ या नहीं। ThePrint ने भी ऐसे वीडियो का ज़िक्र “कथित” के साथ किया है। हमने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से जांच नहीं की है।
कांग्रेस का पक्ष
फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार प्रियंका गांधी ने पुलिस पर उनसे बदसलूकी करने का आरोप लगाया और कहा कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें ज़मीन पर घसीटा, जिससे उन्हें खरोंचें आईं। ETV भारत के अनुसार पुलिस वाहन से उन्होंने कहा कि वे संविधान के लिए जान देने को तैयार हैं। राहुल गांधी ने X पर लिखा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध नहीं रुकेगा, और कांग्रेस व विपक्ष संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए गिरफ्तारी और मुकदमों का सामना करने को तैयार हैं। ThePrint के अनुसार मंगलवार को उन्होंने कहा था कि उन पर पहले से 45 FIR हैं और वे चाहते हैं कि यह संख्या 100 तक पहुंचे, पर यह आंदोलन नहीं रुकेगा। भाजपा के खास आरोपों पर कांग्रेस का औपचारिक जवाब उन रिपोर्टों में नहीं था जो हमने पढ़ीं।
गुरुवार को राजघाट जाने से पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश को “हाईजैक” कर लिया है और “संविधान को नष्ट कर दिया है और जनता के वोट चुराए हैं”, आज तक ने लिखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “भाजपा सरकार देश के नागरिकों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही है।” चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं, आज तक ने लिखा।
(नोट: अंग्रेज़ी रिपोर्टों से लिए गए बयान यहां भावार्थ के रूप में दिए गए हैं। सीधे उद्धरण केवल वहां हैं जहां हिंदी स्रोत ने उन्हें इसी रूप में छापा।)
कानून क्या कहता है
FIR में असल में कौन सी धाराएं लगी हैं, यह पुलिस ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। ThePrint के अनुसार धाराएं “सरकारी कर्मचारी पर हमले और उसे ड्यूटी करने से रोकने” से जुड़ी हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में ऐसे आरोपों से जुड़े दो प्रावधान ये हैं:
| प्रावधान | क्या है | अधिकतम सज़ा |
|---|---|---|
| BNS धारा 132 | सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए उस पर हमला या आपराधिक बल | 2 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों |
| BNS धारा 221 | सरकारी कर्मचारी के सरकारी काम में जानबूझकर बाधा डालना | 3 महीने तक की कैद, ₹2,500 तक जुर्माना या दोनों |
FIR दर्ज होने से पुलिस जांच शुरू होती है। इसके बाद पुलिस बयान लेती है, सबूत जुटाती है और तय करती है कि आरोपपत्र दाखिल किया जाए या नहीं। अदालत में दोष साबित होने तक हर आरोपी निर्दोष माना जाता है। हिरासत और गिरफ्तारी का फर्क हमने अपनी पिछली रिपोर्ट में समझाया है।
इसका मतलब क्या है
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन अब सड़क से थाने और अदालत तक पहुंच रहा है। तीन दिनों में दो बार हिरासत और चार FIR के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने संदेश पर टिके हैं। भाजपा वीडियो के सहारे इसे अराजकता बता रही है, जबकि कांग्रेस कह रही है कि उसके सांसदों को शांतिपूर्ण विरोध से रोका जा रहा है। मामलों का कानूनी भविष्य इस पर निर्भर करेगा कि वीडियो और गवाह क्या दिखाते हैं, न कि दोनों तरफ के बयानों पर।
आगे क्या
- शुक्रवार, 9 अक्टूबर को विपक्ष का प्रस्तावित मार्च, और ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना।
- FIR की धाराओं का खुलासा, और क्या पुलिस नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाती है।
- वीडियो की जांच के बाद और FIR दर्ज होती हैं या नहीं।
- मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई, और 1 नवंबर को INDIA गठबंधन का दिल्ली प्रदर्शन।
स्रोत / संदर्भ
- ThePrint: 3 FIRs against Rahul, Priyanka over ‘assaulting, obstructing’ police officers during anti-CEC protests
- ETV भारत: CEC Protest: 3 More FIRs Against Rahul, Priyanka Gandhi
- आउटलुक: Delhi Police File More FIRs Over SIR Protest; Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra Named
- न्यूज़ड्रम: Rahul, Priyanka Gandhi named in FIRs over assault on cops; videos under scanner
- द लल्लनटॉप: राहुल-प्रियंका पर पुलिस के साथ धक्का मुक्की का आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की 3 FIR
- PTI, डीटी नेक्स्ट के ज़रिए: BJP alleges Rahul Gandhi inappropriately touched woman cop during protest
- फ्री प्रेस जर्नल: Priyanka Gandhi Allegedly Elbows Woman Cop During Delhi Protest; Police Analyse Videos
- द स्टेट्समैन: Rahul Gandhi released after fresh detention as INDIA bloc’s anti-CEC protest enters second day
- आज तक: राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी सांसद राजघाट से निकले, आगे की रणनीति पर सस्पेंस
- ANI: Delhi Police registers FIR over unauthorised entry of Rahul, Priyanka Gandhi into Akashvani Bhavan
- द लॉ जिस्ट: Criminal force and assault (Sections 128–136) under BNS
- LawX: Section 221, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023





