नई दिल्ली, 28 सितंबर: सर्दियों में दिल्ली की हवा जहरीली होने से पहले ही दिल्ली सरकार ने इस बार का विंटर एक्शन प्लान जारी कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को जिन उपायों का ऐलान किया, उनमें 1 नवंबर से धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक, पार्किंग शुल्क दोगुना करना और सरकारी व निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम शामिल है। ज्यादातर पाबंदियां 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी।
मुख्य बातें
- निर्माण पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल वाले तोड़फोड़ और खुले में सिविल निर्माण पर प्रतिबंध।
- पूरी पाबंदी: 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक हर तरह के निर्माण और तोड़फोड़ पर पूर्ण रोक।
- पार्किंग दोगुनी: 1 नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना; मेट्रो (DMRC) की पार्किंग को छूट।
- वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे।
- दफ्तरों का अलग समय: MCD के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक, दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक।
निर्माण और तोड़फोड़ पर दो चरणों में रोक
ETV भारत और आउटलुक की रिपोर्ट के अनुसार निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी दो चरणों में लगेगी। पहले चरण में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और खुले में होने वाले सिविल निर्माण पर रोक रहेगी। सर्दियों के सबसे खराब दौर, यानी 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक, सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ पर पूरी तरह रोक रहेगी। दैनिक जागरण के मुताबिक इस दौरान बाहर से रेत, बजरी और सीमेंट लेकर आने वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक होगी।
पार्किंग महंगी, मेट्रो को बढ़ावा
निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की पार्किंग को इससे बाहर रखा गया है, ताकि लोग पार्क एंड राइड के जरिए मेट्रो का इस्तेमाल करें।
दफ्तरों के लिए नियम
इसी अवधि में सरकारी और निजी दफ्तरों में आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे और आधे दफ्तर आएंगे। दैनिक जागरण के अनुसार आवश्यक सेवाओं को इससे छूट रहेगी। सड़कों पर एक ही समय भीड़ न हो, इसके लिए दफ्तरों का समय भी अलग-अलग किया गया है: दिल्ली नगर निगम (MCD) के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे।
वाहनों और हॉटस्पॉट पर सख्ती
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार योजना में वाहनों और धूल से होने वाले प्रदूषण पर भी कदम उठाए गए हैं:
- 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत, BS-6 से नीचे के मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इलेक्ट्रिक, CNG और आपातकालीन वाहनों को छूट होगी।
- पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
- 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट (3 किलोमीटर के दायरे वाले इलाके, जिनमें श्मशान घाट और कूड़ा स्थल भी शामिल हैं) की जिलाधिकारी समीक्षा कर रहे हैं; इनमें से 42 पर नियंत्रण किया जा चुका है।
- DPCC, MCD और दिल्ली पुलिस हर पखवाड़े सड़कों की गहन सफाई करेंगे।
- मौजूदा 588 बसों के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं, और खुले में आग जलाने से रोकने के लिए “जीरो बर्निंग” पहल के तहत अस्थायी गर्म आश्रय स्थल बनाए जाएंगे।
आम लोगों पर क्या असर
नवंबर से फरवरी के बीच दिल्ली वालों को कुछ बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। निजी गाड़ी से जाने पर पार्किंग का खर्च दोगुना होगा, कई दफ्तरों में काम के घंटे बदलेंगे, और दिसंबर-जनवरी की पूर्ण पाबंदी के दौरान घर या दुकान के निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम भी रुक सकते हैं। निर्माण मजदूरों के लिए यह पाबंदी रोजगार का संकट भी ला सकती है; उनके लिए राहत के क्या इंतजाम होंगे, इस पर सरकार की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
हर साल अक्टूबर के आखिर से दिल्ली-एनसीआर की हवा पराली के धुएं, वाहनों, निर्माण की धूल और ठंडे मौसम में प्रदूषकों के जमीन के पास फंसे रहने से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच जाती है। इस बार सरकार ने प्रदूषण बढ़ने के बाद कदम उठाने के बजाय करीब एक महीना पहले ही पाबंदियों का कैलेंडर तय कर दिया है। असली परीक्षा इन नियमों के पालन और निगरानी में होगी।
स्रोत / संदर्भ
- ETV Bharat: Delhi Winter Pollution Action Plan: Construction Ban, Double Parking Fees, 50% Work From Home Announced
- Outlook India: Construction Ban, Double Parking Charges: What We Know About Delhi’s Winter Pollution Plan
- The Daily Jagran: Construction Ban, 50% Work-From-Home, And Double Parking Charges





