6 अक्टूबर: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों का मार्च मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन पहुंचने से पहले ही रोक दिया। द स्टेट्समैन और द क्विंट के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी। भाजपा ने मार्च को खारिज किया है।
मुख्य बातें
- कहां रोका गया: संसद मार्ग पर, नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के पास। द क्विंट के अनुसार यह जगह आयोग के दफ्तर से करीब आधा किलोमीटर पहले है।
- हिरासत: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा। dy365 के अनुसार अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन भी।
- कितने सांसद: द क्विंट के अनुसार 19 दलों के 237 सांसद, dy365 के अनुसार करीब 300।
- सुरक्षा: द क्विंट के मुताबिक 4,000 से ज़्यादा जवान तैनात थे और नई दिल्ली ज़िले में धारा 163 लागू थी।
- भाजपा: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मार्च को राहुल गांधी को “रीलॉन्च” करने की कोशिश बताया।
मार्च में क्या हुआ
द स्टेट्समैन के अनुसार सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें नीति आयोग के दफ्तर के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। द क्विंट ने लिखा कि मार्च संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास रुका। द स्टेट्समैन के मुताबिक राहुल गांधी तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन हटाना शुरू किया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
द क्विंट के अनुसार सांसदों को बसों में बैठाकर ले जाया गया। dy365 की रिपोर्ट में तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष के हवाले से कहा गया कि सांसदों को “अज्ञात जगह” ले जाया जा रहा है। इसी रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को थोड़ी देर हिरासत में रखा गया, और NSUI तथा युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता भी पकड़े गए।
कौन शामिल था, इस पर रिपोर्टें थोड़ी अलग हैं। द क्विंट ने 19 दलों के 237 सांसद बताए और लिखा कि द्रमुक और आम आदमी पार्टी शामिल नहीं हुईं, जबकि बीजू जनता दल, जो औपचारिक रूप से गठबंधन में नहीं है, साथ आया। dy365 ने लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसदों की बात कही।
नेताओं ने क्या कहा
द स्टेट्समैन के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अब इस्तीफा दे देना चाहिए। dy365 ने उनके हवाले से लिखा कि करोड़ों लोगों ने विपक्ष को वोट दिया है और आयोग उनसे बात क्यों नहीं कर रहा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह लड़ाई है और विपक्ष लड़ता रहेगा। dy365 के मुताबिक उन्होंने कहा कि विरोध जारी रहेगा और यह लोगों के वोट और आज़ादी की रक्षा के लिए है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग डरे हुए हैं, इसीलिए बैरिकेड लगाए गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सवाल किया कि सांसदों को रोकने के लिए इतनी बड़ी फोर्स की क्या ज़रूरत थी, द क्विंट ने लिखा।
नोट: नेताओं के बयान अंग्रेज़ी रिपोर्टों से लिए गए हैं, इसलिए यहां उनका भावार्थ दिया गया है।
पुलिस के इंतज़ाम
द क्विंट के अनुसार दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 4,000 से ज़्यादा जवान तैनात किए गए थे और कई परतों में बैरिकेडिंग की गई थी। द स्टेट्समैन ने बताया कि नई दिल्ली ज़िले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी, और सुबह 8 बजे से कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, पटेल चौक, जीपीओ और अशोक रोड के आसपास आवाजाही पर पाबंदियां थीं।
भाजपा और चुनाव आयोग का पक्ष
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मार्च को खारिज किया। द स्टेट्समैन के अनुसार उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण मृत, दोहरे और दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ज़रूरी है। dy365 के मुताबिक उन्होंने मार्च को राहुल गांधी को “रीलॉन्च” करने और अराजकता फैलाने की कोशिश बताया। चुनाव आयोग गड़बड़ी के आरोपों से इनकार कर चुका है, dy365 ने लिखा।
अदालतों में क्या चल रहा है
सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को CEC के खिलाफ अंतरिम आदेश देने से इनकार किया था, dy365 ने बताया। इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से द रियो टाइम्स ने लिखा कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत ने मतदाता नामांकन के फॉर्म 6 में किसी बदलाव को मंज़ूरी नहीं दी। द क्विंट के अनुसार बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सवाल किया कि अगर नागरिक ही सूची से बाहर हो रहे हैं तो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी प्रक्रिया का मकसद क्या है।
आगे क्या
dy365 के अनुसार INDIA गठबंधन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांग रहा है और पांच रैलियों की योजना है, जिनमें 1 नवंबर को दिल्ली की रैली शामिल है। विरोध 2 अक्टूबर से चल रहा है और मंगलवार इसका पांचवां दिन था। मार्च से पहले की पूरी पृष्ठभूमि, आरोप और CEC को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया हमारी सुबह की रिपोर्ट में है: INDIA गठबंधन का चुनाव आयोग तक मार्च। मुंबई के मोर्चे की खबर यहां पढ़ें: ठाकरे बंधुओं का ‘विराट गर्जना मोर्चा’।
स्रोत / संदर्भ
- द स्टेट्समैन: INDIA bloc storms Delhi streets over CEC row; Rahul Gandhi scales barricade with Tricolour, detained
- द क्विंट: INDIA bloc MPs detained during march to Election Commission in Delhi
- dy365: Rahul, Priyanka, Akhilesh detained as police stop INDIA bloc march on Election Commission
- द रियो टाइम्स: Asia Intelligence Brief, 6 October 2026





