6 अक्टूबर: विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक पैदल मार्च करेंगे। उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर जुटेंगे और 11 बजे मार्च शुरू होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इसमें शामिल होंगे।
मुख्य बातें
- कब और कहां: सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर जमावड़ा, 11 बजे संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च।
- मांग: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए।
- आरोप: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े 14 फैसले दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद लिए गए।
- सुप्रीम कोर्ट: मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बदला हुआ फॉर्म 6 अदालत ने मंज़ूर नहीं किया है। अदालत ने CEC को अंतरिम रूप से हटाने से इनकार किया।
- आगे: 25 नवंबर तक ज़िला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान।
आज का कार्यक्रम
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया कि सभी विपक्षी दलों के सांसद सुबह 11 बजे संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। आउटलुक के अनुसार विपक्ष ने इस मार्च को “वोट अधिकार यात्रा” नाम दिया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, विरोध जारी रहेगा।
विपक्ष के आरोप क्या हैं
- 14 फैसले: विपक्ष का कहना है कि SIR से जुड़े 14 अहम फैसले CEC ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों के बावजूद लिए। आउटलुक के अनुसार दोनों आयुक्तों ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई।
- फॉर्म 6: आरोप है कि नए मतदाता के नामांकन का फॉर्म 6 बाकी आयुक्तों की मंज़ूरी के बिना बदला गया।
- मतदाता सूची: विपक्ष का दावा है कि करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं।
ये सभी विपक्ष के आरोप हैं और किसी अदालत ने इन्हें अभी सही नहीं ठहराया है। चुनाव आयोग और भाजपा मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को पहले खारिज कर चुके हैं, जैसा हमने मुंबई के ‘विराट गर्जना मोर्चा’ की खबर में बताया था। आज के मार्च पर उनकी प्रतिक्रिया इस खबर के लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
ANI के अनुसार मामले की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साफ किया कि कोई भी बदला हुआ फॉर्म 6 अदालत ने मंज़ूर नहीं किया है। अदालत ने CEC को अंतरिम तौर पर पद से हटाने से इनकार किया, संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए और कहा कि जवाब आने के बाद आरोपों की जांच की जाएगी।
CEC को हटाने की प्रक्रिया क्या है
संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिन पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। अनुच्छेद 124(4) के तहत इसके लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित होना ज़रूरी है: सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित होकर मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। आधार केवल “सिद्ध कदाचार या अक्षमता” हो सकता है।
आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में लाने के लिए प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर रहा है, जिसे गठबंधन के नेतृत्व की अंतिम मंज़ूरी मिलनी बाकी है। विपक्षी नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय भी मांगेंगे।
आगे का कार्यक्रम
| तारीख | कार्यक्रम |
|---|---|
| 6 अक्टूबर | संसद भवन से निर्वाचन सदन तक सांसदों का मार्च |
| 8 अक्टूबर तक | ज़िला स्तर पर पदयात्राएं |
| 10 से 20 अक्टूबर | ब्लॉक स्तर पर बैठकें |
| 25 नवंबर तक | राज्य स्तर पर “वोट बचाओ, देश बचाओ” रैलियां |
स्रोत: ANI और द न्यूज़ मिल की रिपोर्टें।
विश्लेषण: मार्च से क्या बदलेगा
हिंदी डेस्क का विश्लेषण। CEC को हटाने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए, और लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है, इसलिए केवल विपक्ष के वोटों से प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता। ऐसे में आज का मार्च और आगे का अभियान मुख्य रूप से जनमत बनाने और अदालत में चल रहे मामले के साथ दबाव बनाए रखने की कोशिश है। असली फैसला दो जगह होगा: सुप्रीम कोर्ट में, जहां आयोग को जवाब देना है, और उन राज्यों में, जहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण चल रहा है।
संदर्भ
- ANI: INDIA bloc MPs to march to ECI HQ today demanding CEC Gyanesh Kumar’s ouster
- The News Mill (ANI): Opposition MPs to march to ECI seeking CEC Gyanesh Kumar’s removal
- Outlook India: INDIA bloc likely to bring impeachment motion against CEC Gyanesh Kumar
- भारत का संविधान (विधायी विभाग): अनुच्छेद 324(5) और 124(4)





